दैनिक जागरण
भारतीय मूल का उद्यमी बना ग्लोबल फर्म का प्रमुख
दैनिक जागरण
लंदन। भारतीय मूल के एक अग्रणी उद्यमी को ब्यूरो ऑफ इंटरनेशनल री-साइक्लिंग का प्रमुख चुना गया है। यह एक वैश्विक संस्था है जो उपयुक्त और प्रतियोगी वैश्विक अर्थव्यवस्था में री-साइकल होने योग्य चीजों के स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार का मार्ग आसान करती है। जे एंड एच सेल्स (इंटरनेशनल) लिमिटेड के चेयरमैन रंजीत सिंह बख्शी ब्रुसेल्स स्थित इस री-साइक्लिंग एसोसिएशन के दो साल तक अध्यक्ष रहेंगे। अध्यक्ष का चुनाव पिछले मंगलवार को दुबई में एसोसिएशन के वर्ल्ड कंवेंशन एंड एक्जिबिशन में हुआ था। दुनियाभर में फैला है काम. यह एसोसिएशन निजी सेक्टर की 700 से ज्यादा कंपनियों और भारत ...
ग्लोबल फर्म BIR के अध्यक्ष बने भारतीय मूल के रंजीत सिंह बख्शीबिजनेस भास्कर
ग्लोबल फर्म के प्रमुख चुने गए भारतीय मूल के रंजीत सिंह बख्शीनवभारत टाइम्स
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लंदन। भारतीय मूल के एक अग्रणी उद्यमी को ब्यूरो ऑफ इंटरनेशनल री-साइक्लिंग का प्रमुख चुना गया है। यह एक वैश्विक संस्था है जो उपयुक्त और प्रतियोगी वैश्विक अर्थव्यवस्था में री-साइकल होने योग्य चीजों के स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार का मार्ग आसान करती है। जे एंड एच सेल्स (इंटरनेशनल) लिमिटेड के चेयरमैन रंजीत सिंह बख्शी ब्रुसेल्स स्थित इस री-साइक्लिंग एसोसिएशन के दो साल तक अध्यक्ष रहेंगे। अध्यक्ष का चुनाव पिछले मंगलवार को दुबई में एसोसिएशन के वर्ल्ड कंवेंशन एंड एक्जिबिशन में हुआ था। दुनियाभर में फैला है काम. यह एसोसिएशन निजी सेक्टर की 700 से ज्यादा कंपनियों और भारत ...
ग्लोबल फर्म BIR के अध्यक्ष बने भारतीय मूल के रंजीत सिंह बख्शी
ग्लोबल फर्म के प्रमुख चुने गए भारतीय मूल के रंजीत सिंह बख्शी
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इंफोसिस में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या 6 गुना बढ़ी
बिजनेस भास्कर
देश की बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस में करोड़पतियों और मोटी सैलरी पाने वाले अधिकारियों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। पिछले एक साल में इंफोसिस में तेज ग्रोथ का फायदा कंपनियों के कर्मचारियों को भी मिला है। पिछले वर्ष 2014-15 में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा सैलरी पाने वाले 113 कर्मचारी थे। जबकि एक साल पहले तक ऐसे एंप्लॉयीज की संख्या मात्र 18 थी। वहीं 202 एंप्लॉयीज ऐसे हैं जिन्हें 60 लाख रुपए से अधिक वेतन मिलता है जबकि 2013-14 में ऐसे एंप्लॉयीज सिर्फ 72 थे। मार्केट एक्सपर्ट कहते है कि है कि सीईओ विशाल सिक्का का यह एक प्रयास है जिससे कंपनी के अधिकारियों को बाजार के ...
Infosys में 1 साल में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या मे वृद्धिKhabarFast News
Infosys में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या में जबर्दस्त इजाफाnews india network
इन्फोसिस में 1 साल में 18 से बढ़कर 113 हुई करोड़पति एंप्लॉयीज की संख्याKhabar Mantra
Sanjeevni Today
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बिजनेस भास्कर
देश की बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस में करोड़पतियों और मोटी सैलरी पाने वाले अधिकारियों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। पिछले एक साल में इंफोसिस में तेज ग्रोथ का फायदा कंपनियों के कर्मचारियों को भी मिला है। पिछले वर्ष 2014-15 में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा सैलरी पाने वाले 113 कर्मचारी थे। जबकि एक साल पहले तक ऐसे एंप्लॉयीज की संख्या मात्र 18 थी। वहीं 202 एंप्लॉयीज ऐसे हैं जिन्हें 60 लाख रुपए से अधिक वेतन मिलता है जबकि 2013-14 में ऐसे एंप्लॉयीज सिर्फ 72 थे। मार्केट एक्सपर्ट कहते है कि है कि सीईओ विशाल सिक्का का यह एक प्रयास है जिससे कंपनी के अधिकारियों को बाजार के ...
Infosys में 1 साल में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या मे वृद्धि
Infosys में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या में जबर्दस्त इजाफा
इन्फोसिस में 1 साल में 18 से बढ़कर 113 हुई करोड़पति एंप्लॉयीज की संख्या
Samachar Jagat
नई कंपनी हेकिल ने अपने कर्मचारियों को दी तोहफे में महंगी कार...
Samachar Jagat
नई दिल्ली। आजकल प्रचार के लिए कंपनियां नए- नए तरीके अपनाने में लगी हुई है। पहले कंपनियां अपने प्रचार के लिए विज्ञापनों का सहारा लेती थीं। लेकिन अब कंपनियां सुर्खियों में बने रहकर अपनी कंपनी का विज्ञापन कर रही है। इसके लिए वे कुछ भी करने को तैयार है। हालहि में हेकिल नाम की एक नई कंपनी ने इस बात का दावा किया है कि कंपनी ने अपने चार कर्मियों को उपहार में महंगी कारें दी हैं। वैसे ये पहली बार नहीं है, जब किसी कंपनी ने अपने कर्मियों को कुछ ऐसी चौंका देने वाली चीज तोहफे में दी है। अभी कुछ दिनों पहले ही रियालिटी पोर्टल हाउसिंग डॉट कॉम के प्रमुख राहुल यादव ने भी अपने निजी ...
हेकिल ने दी अपने कर्मचारियों को उपहार में कारSanjeevni Today
कंपनी ने चार कर्मचारियों को तोहफे में दी कारPressnote.in (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (सदस्यता)
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Samachar Jagat
नई दिल्ली। आजकल प्रचार के लिए कंपनियां नए- नए तरीके अपनाने में लगी हुई है। पहले कंपनियां अपने प्रचार के लिए विज्ञापनों का सहारा लेती थीं। लेकिन अब कंपनियां सुर्खियों में बने रहकर अपनी कंपनी का विज्ञापन कर रही है। इसके लिए वे कुछ भी करने को तैयार है। हालहि में हेकिल नाम की एक नई कंपनी ने इस बात का दावा किया है कि कंपनी ने अपने चार कर्मियों को उपहार में महंगी कारें दी हैं। वैसे ये पहली बार नहीं है, जब किसी कंपनी ने अपने कर्मियों को कुछ ऐसी चौंका देने वाली चीज तोहफे में दी है। अभी कुछ दिनों पहले ही रियालिटी पोर्टल हाउसिंग डॉट कॉम के प्रमुख राहुल यादव ने भी अपने निजी ...
हेकिल ने दी अपने कर्मचारियों को उपहार में कार
कंपनी ने चार कर्मचारियों को तोहफे में दी कार
नवभारत टाइम्स
अब इनकम टैक्स के दायरे से बचना मुश्किल
नवभारत टाइम्स
आयकर विभाग ने तकनीकी सतर्कता बढ़ाने, दूसरी श्रेणी के शहरों पर विशेष ध्यान देने की तैयारी की है ताकि 'प्रगतिशील' शहरों में रहने वाले और अधिक लोगों को कर के दायरे में लाया जा सके। नई योजना के जल्द से जल्द अगले महीने कार्रवाई में आने की उम्मीद है। यह कर अधिकारियों और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को सरकार की ओर से जारी हालिया निर्देश का हिस्सा है। सरकार ने कर विभाग से कहा है कि वह हर महीने कम से कम 25 लाख नए लोगों को कर दायरे में लाए। मामले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि विभाग अपनी स्मार्ट तकनीकी इंटेलिजेन्स तथा कारोबार की गणना के डाटाबेस का ...
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नवभारत टाइम्स
आयकर विभाग ने तकनीकी सतर्कता बढ़ाने, दूसरी श्रेणी के शहरों पर विशेष ध्यान देने की तैयारी की है ताकि 'प्रगतिशील' शहरों में रहने वाले और अधिक लोगों को कर के दायरे में लाया जा सके। नई योजना के जल्द से जल्द अगले महीने कार्रवाई में आने की उम्मीद है। यह कर अधिकारियों और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को सरकार की ओर से जारी हालिया निर्देश का हिस्सा है। सरकार ने कर विभाग से कहा है कि वह हर महीने कम से कम 25 लाख नए लोगों को कर दायरे में लाए। मामले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि विभाग अपनी स्मार्ट तकनीकी इंटेलिजेन्स तथा कारोबार की गणना के डाटाबेस का ...
दैनिक जागरण
मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाया, अब मिलेगी राहत
दैनिक भास्कर
टीकमगढ़ । शहर के सिविल लाइन स्थित पुलिस लाइन मुख्य द्वार रविवार को दोपहर के बाद ट्राफिक पुलिस की ओर से चैकिंग अभियान चलाया गया। यातायात प्रभारी मयंक सिंह ने अधिकतर लोगों को समझाईश दी। वहीं 50 चालान कर 12 हजार 500 समन शुल्क की वसूला। इधर चैकिंग अभियान कीसूचना मिलते ही अधिकतर लोगों ने अपने रूट बदल दिए। रविवार को दोपहर 4 बजे ट्राफिक पुलिस ने पुलिस लाइन द्वार पर चैकिंग अभियान किया। आने जाने वालों वाहनों की दस्तवेजों की जांच कर समझाईश दी गई। इसके साथ ही जिन वाहनों में दस्तावेज नहीं मिले उन वाहनों का चालान किया गया। यातायात प्रभारी मयंक सिंह ने बताया कि ...
अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो रहा शहरदैनिक जागरण
व्यापारी सोते रहे, दुकानों पर चल गया बुलडोजरRajasthan Patrika
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दैनिक भास्कर
टीकमगढ़ । शहर के सिविल लाइन स्थित पुलिस लाइन मुख्य द्वार रविवार को दोपहर के बाद ट्राफिक पुलिस की ओर से चैकिंग अभियान चलाया गया। यातायात प्रभारी मयंक सिंह ने अधिकतर लोगों को समझाईश दी। वहीं 50 चालान कर 12 हजार 500 समन शुल्क की वसूला। इधर चैकिंग अभियान कीसूचना मिलते ही अधिकतर लोगों ने अपने रूट बदल दिए। रविवार को दोपहर 4 बजे ट्राफिक पुलिस ने पुलिस लाइन द्वार पर चैकिंग अभियान किया। आने जाने वालों वाहनों की दस्तवेजों की जांच कर समझाईश दी गई। इसके साथ ही जिन वाहनों में दस्तावेज नहीं मिले उन वाहनों का चालान किया गया। यातायात प्रभारी मयंक सिंह ने बताया कि ...
अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो रहा शहर
व्यापारी सोते रहे, दुकानों पर चल गया बुलडोजर
Nai Dunia
RBI जल्द स्थापित करेगा सेंट्रल फ्रॉड रजिस्ट्री
Nai Dunia
नई दिल्ली। कर्ज लेकर जालसाजी करने वालों से बैंकों को लग रही चपत को देखते हुए रिजर्व बैंक जल्द ही सेंट्रल फ्रॉड रजिस्ट्री का गठन करेगा। यह पूर्व चेतावनी प्रणाली के तौर पर काम में आएगा। इसका मकसद छल-कपट करने वालों के बारे में तेजी से जानकारी साझा करना और बैंकों को फंसे कर्ज (एनपीए) की समस्या से निपटने में मदद दिलाना है। आरबीआई के शीर्ष अधिकारी ने बताया, "यह जल्द स्थापित होगा। सेंट्रल फ्रॉड रजिस्ट्री स्थापित करने पर काम चल रहा है। यह आरबीआई की देखरेख में काम करेगा।" वर्तमान में ऐसा कोई डाटाबेस नहीं है, जिसका इस्तेमाल बैंक पहले के धोखाधड़ी के मामलों के सभी ...
बैंकों को 'चूना लगने' से ऐसे बचाएगा RBI...आज तक
बैंक धोखाधड़ी रोकने के लिए RBI जल्द स्थापित करेगा केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्रीZee News हिन्दी
बैंक धोखाधड़ी रोकने को आरबीआइ शीघ्र स्थापित करेगा केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्टरीप्रभात खबर
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नई दिल्ली। कर्ज लेकर जालसाजी करने वालों से बैंकों को लग रही चपत को देखते हुए रिजर्व बैंक जल्द ही सेंट्रल फ्रॉड रजिस्ट्री का गठन करेगा। यह पूर्व चेतावनी प्रणाली के तौर पर काम में आएगा। इसका मकसद छल-कपट करने वालों के बारे में तेजी से जानकारी साझा करना और बैंकों को फंसे कर्ज (एनपीए) की समस्या से निपटने में मदद दिलाना है। आरबीआई के शीर्ष अधिकारी ने बताया, "यह जल्द स्थापित होगा। सेंट्रल फ्रॉड रजिस्ट्री स्थापित करने पर काम चल रहा है। यह आरबीआई की देखरेख में काम करेगा।" वर्तमान में ऐसा कोई डाटाबेस नहीं है, जिसका इस्तेमाल बैंक पहले के धोखाधड़ी के मामलों के सभी ...
बैंकों को 'चूना लगने' से ऐसे बचाएगा RBI...
बैंक धोखाधड़ी रोकने के लिए RBI जल्द स्थापित करेगा केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्री
बैंक धोखाधड़ी रोकने को आरबीआइ शीघ्र स्थापित करेगा केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्टरी
नवभारत टाइम्स
एक साल में 64 प्रतिशत तक महंगी हुई दालें
नवभारत टाइम्स
मुद्रास्फीति में गिरावट के रुख के उलट मोदी सरकार के पहले साल में प्रमुख महानगरों में दालें 64 प्रतिशत तक महंगी हुई हैं। मुख्य रुप से घरेलू उत्पादन घटने से दालों के दाम चढ़े हैं। लगातार दूसरे साल मानसून खराब रहने की भविष्यवाणी के बीच सरकार MMTC जैसी सरकारी व्यापार कंपनियों के जरिए दलहनों का आयात करने पर विचार कर रही है ताकि दलहनों की घरेलू आपूर्ति को बढ़ाया जा सके और बढ़ती खुदरा कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा रखे गए आंकड़ों के अनुसार मौजूदा सरकार के पहले वर्ष में उड़द, तुअर, मसूर दाल, चना और मूंग के दामों में सबसे ज्यादा उछाल देखा ...
एक साल में 64 फीसदी तक महंगी हुई दालेंBusiness Standard Hindi
एक साल में 64 फीसद बढ़े दालों के भावदैनिक जागरण
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नवभारत टाइम्स
मुद्रास्फीति में गिरावट के रुख के उलट मोदी सरकार के पहले साल में प्रमुख महानगरों में दालें 64 प्रतिशत तक महंगी हुई हैं। मुख्य रुप से घरेलू उत्पादन घटने से दालों के दाम चढ़े हैं। लगातार दूसरे साल मानसून खराब रहने की भविष्यवाणी के बीच सरकार MMTC जैसी सरकारी व्यापार कंपनियों के जरिए दलहनों का आयात करने पर विचार कर रही है ताकि दलहनों की घरेलू आपूर्ति को बढ़ाया जा सके और बढ़ती खुदरा कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा रखे गए आंकड़ों के अनुसार मौजूदा सरकार के पहले वर्ष में उड़द, तुअर, मसूर दाल, चना और मूंग के दामों में सबसे ज्यादा उछाल देखा ...
एक साल में 64 फीसदी तक महंगी हुई दालें
एक साल में 64 फीसद बढ़े दालों के भाव
Mahanagar Times
सुरेश प्रभु ने धर्मगुरुओं की मदद लेंगे स्वच्छ रेल अभियान में
Mahanagar Times
भारतीय रेल धर्मगुरुओं की मदद लेने पर गौर कर रहा है रेलवे में स्वच्छता को प्रोत्साहन देने के लिए। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गोवा में एक समारोह में कहा कि उनका मंत्रालय 'स्वच्छ रेल' अभियान में धर्मगुरुओं को शामिल करने पर विचार कर रहा है। गोवा में आयोजित सूचना तकनीक सम्मेलन में बोलते हुए प्रभु ने कहा, 'आप एक दिन में स्वच्छ रेल या स्वच्छ भारत नहीं बना सकते हैं। हर यात्री का कर्तव्य रेलवे स्टेशन को साफ रखना है लेकिन चूंकि लोग यह काम नहीं करते हैं इसलिए हमें ही इस काम को अंजाम देना पड़ता है।' उन्होंने कहा, रेलवे मंत्रालय सभी धर्म के धर्मगुरुओं को इस अभियान से जोड़ने पर ...
स्वच्छ रेल अभियान में धर्मगुरुओं की सहायता लेंगे: केंद्रीय रेल मंत्रीSanjeevni Today
स्वच्छ रेल अभियान में धर्मगुरुओं की मदद लेंगे सुरेश प्रभुइकनॉमिक टाइम्स
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Mahanagar Times
भारतीय रेल धर्मगुरुओं की मदद लेने पर गौर कर रहा है रेलवे में स्वच्छता को प्रोत्साहन देने के लिए। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गोवा में एक समारोह में कहा कि उनका मंत्रालय 'स्वच्छ रेल' अभियान में धर्मगुरुओं को शामिल करने पर विचार कर रहा है। गोवा में आयोजित सूचना तकनीक सम्मेलन में बोलते हुए प्रभु ने कहा, 'आप एक दिन में स्वच्छ रेल या स्वच्छ भारत नहीं बना सकते हैं। हर यात्री का कर्तव्य रेलवे स्टेशन को साफ रखना है लेकिन चूंकि लोग यह काम नहीं करते हैं इसलिए हमें ही इस काम को अंजाम देना पड़ता है।' उन्होंने कहा, रेलवे मंत्रालय सभी धर्म के धर्मगुरुओं को इस अभियान से जोड़ने पर ...
स्वच्छ रेल अभियान में धर्मगुरुओं की सहायता लेंगे: केंद्रीय रेल मंत्री
स्वच्छ रेल अभियान में धर्मगुरुओं की मदद लेंगे सुरेश प्रभु
Samachar Jagat
नौकरी-उद्योग संबंधित मामले में बड़े शहरों को मात दे रहे है छोटे शहर
Samachar Jagat
नई दिल्ली। नौकरी और उद्योग संबंधित मामले में बड़े शहर को छोटे शहर पीछे छोड़ रहे हैं। छोटे शहरों में निर्माण कार्य तेजी से बढऩे के कारण से इनसे जुड़ी नौकरियां भी बढ़ रही हैं। 50,000 से कम जनसंख्या वाले तीसरे दर्जे के शहरों में करीब 50 प्रतिशत से अधिक महिला कामगार और 45 प्रतिशत लोगों को स्वरोजगार प्राप्त है। बड़े शहरों में जहां की जनसंख्या दस लाख से ज्यादा है, वहां स्वरोजगारी महिला एवं पुरुष दोनों करीब 36-38 प्रतिशत हैं। स्वरोजगार में बहुत ही छोटी औद्योगिक या सर्विस सेक्टर इकाइयों के साथ-साथ दुकानें भी शामिल हैं। वर्ष 2004-05 की तुलना में वर्ष 2011-12 में स्वरोजगार में ...
बड़े शहरों से आगे हैं छोटे शहर बड़े शहरों से आगे हैं छोटे शहरMahanagar Times
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नई दिल्ली। नौकरी और उद्योग संबंधित मामले में बड़े शहर को छोटे शहर पीछे छोड़ रहे हैं। छोटे शहरों में निर्माण कार्य तेजी से बढऩे के कारण से इनसे जुड़ी नौकरियां भी बढ़ रही हैं। 50,000 से कम जनसंख्या वाले तीसरे दर्जे के शहरों में करीब 50 प्रतिशत से अधिक महिला कामगार और 45 प्रतिशत लोगों को स्वरोजगार प्राप्त है। बड़े शहरों में जहां की जनसंख्या दस लाख से ज्यादा है, वहां स्वरोजगारी महिला एवं पुरुष दोनों करीब 36-38 प्रतिशत हैं। स्वरोजगार में बहुत ही छोटी औद्योगिक या सर्विस सेक्टर इकाइयों के साथ-साथ दुकानें भी शामिल हैं। वर्ष 2004-05 की तुलना में वर्ष 2011-12 में स्वरोजगार में ...
बड़े शहरों से आगे हैं छोटे शहर बड़े शहरों से आगे हैं छोटे शहर
दैनिक जागरण
सरसों में मजबूती से सालभर में 19 फीसदी उछले तेल के दाम
दैनिक भास्कर
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गत वर्ष की अपेक्षा चालू साल में सरसों का उत्पादन कम हुआ है। उत्पादन में कमी तथा उपभोक्ता मांग बढ़ने से सरसों तेल के दाम एक साल के अंतराल में (मई 2014 से मई 2015) 13 रुपए किलो यानि करीब 19 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। तेल व्यापार से जुड़े कारोबारियों का कहना है चूंकि इस साल सरसों का उत्पादन कम है। प्रदेश में सोयाबीन की नई फसल आने में काफी समय है। वैश्विक बाजारों से भी खाद्य तेलों के आयात में गिरावट आई है यही कारण है कि आने वाले समय में सरसों तेल के भाव एक नई ऊंचाई को छू सकते हैं। हाजिर बाजार में सरसों सीड 41 फीसदी तेल कंडीशन गत वर्ष मई ...
सरसों की मार पर मरहम लगाएगा विदेशी तेलदैनिक जागरण
मांग के अभाव में चुनिंदा खाद्य तेलों के दाम में गिरावटZee News हिन्दी
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दैनिक भास्कर
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गत वर्ष की अपेक्षा चालू साल में सरसों का उत्पादन कम हुआ है। उत्पादन में कमी तथा उपभोक्ता मांग बढ़ने से सरसों तेल के दाम एक साल के अंतराल में (मई 2014 से मई 2015) 13 रुपए किलो यानि करीब 19 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। तेल व्यापार से जुड़े कारोबारियों का कहना है चूंकि इस साल सरसों का उत्पादन कम है। प्रदेश में सोयाबीन की नई फसल आने में काफी समय है। वैश्विक बाजारों से भी खाद्य तेलों के आयात में गिरावट आई है यही कारण है कि आने वाले समय में सरसों तेल के भाव एक नई ऊंचाई को छू सकते हैं। हाजिर बाजार में सरसों सीड 41 फीसदी तेल कंडीशन गत वर्ष मई ...
सरसों की मार पर मरहम लगाएगा विदेशी तेल
मांग के अभाव में चुनिंदा खाद्य तेलों के दाम में गिरावट
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